भारत के 10 प्रमुख कथावाचक — जीवन, कथा शैली और प्रभाव
भारत की भूमि संतों, ऋषियों और आध्यात्मिक ज्ञान की तपोभूमि रही है। हमारे देश में सदियों से ज्ञान और जीवन
भारत की भूमि संतों, ऋषियों और आध्यात्मिक ज्ञान की तपोभूमि रही है। हमारे देश में सदियों से ज्ञान और जीवन
आज के दौर में जब हर तरफ भागदौड़, तनाव, सोशल मीडिया का दिखावा और मानसिक अशांति फैली हुई है, तब
प्रमाणिक संदर्भ: ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ योगी (परमहंस योगानंद), पुराण पुरुष (लाहिड़ी महाशय की दैनंदिनी), महामहोपाध्याय गोपीनाथ कविराज के संस्मरण। हिमालय
भारतीय संत परंपरा में जब भी किसी ऐसे फकीर का नाम लिया जाता है जिसने धर्म, जाति, पाखंड और अंधविश्वास
भारतीय भक्ति आंदोलन के इतिहास में यदि किसी एक ऐसी नारी का नाम लिया जाए जिसने राजमहलों के असीम वैभव,
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और विश्व दर्शन के इतिहास में श्री अरबिंदो (Sri Aurobindo Ghosh, 1872–1950) का व्यक्तित्व सबसे अनोखा, विस्मयकारी
भारतीय संत परंपरा में ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के अनेक महान शिखर हुए हैं, लेकिन जब असीम करुणा, अगाध क्षमाशीलता
भारतीय इतिहास में जब भी सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और सच्ची आध्यात्मिकता की बात होती है, तो संत शिरोमणि रविदास
महाराष्ट्र की पावन धरती संतों और वीरों की भूमि रही है। इस भूमि पर भक्ति की जो अविरल धारा बही,
परिचय: त्रैलंग स्वामी — काशी के चलते-फिरते साक्षात शिव यदि आप 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में काशी (वाराणसी) के मणिकर्णिका,